Hadeeth Cards
Da'wa cards that highlight great meanings from the noble prophetic hadiths in a simple style and attractive display that helps the Muslim to have a deeper understanding of his religion in an easy way






























Da'wa cards that highlight great meanings from the noble prophetic hadiths in a simple style and attractive display that helps the Muslim to have a deeper understanding of his religion in an easy way
अदी बिन हातिम (रज़ियल्लाहु अंहु) ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से सधाये हुए कुत्तों, जिन्हें उनके मालिक ने शिकार करना सिखा रखा हो, से शिकार करने के बारे में पूछा, तो आपने उनसे कहाः जब उन्हें छोड़ते समय अल्लाह का नाम ले लो, तो वह जो शिकार पकड़कर लाएँ, उसे खाओ, जब तक उनके साथ तुम्हें कोई दूसरा कुत्ता न मिले। यदि उनके साथ कोई दूसरा कुत्ता मिले, तो न खाओ, क्योंकि तुमने अपने कुत्ते को छोड़ते समय अल्लाह का नाम लिया था, किसी और के कुत्ते को छोड़ते समय नहीं। इसी तरह जब तुम शिकार की ओर नेज़ा फेंको और वह शिकार के शरीर में धँस जाए और रक्त बहा दे, तो उसे खाओ। शर्त यह है कि अल्लाह का नाम लिया हो। परन्तु यदि नेज़ा चौड़ाई में लगे और शिकार मर जाए, तो मत खाओ। क्योंकि वह चोट लगने से मरा है, इसलिए गिरकर मरने और चोट लगने से मरने वाले जानवर के हुक्म में होगा। फिर जब आदमी अपना कुत्ता छोड़े और शिकार को ज़िंदा पाए और कुत्ते ने उसे मारा न हो, तो उसे ज़बह करना ज़रूरी होगा और ऐसी स्थिति में शिकार हलाल होगा, चाहे अन्य कुत्ते भी क्यों न शरीक हो गए हों। उन्होंने आपसे तीर से शिकार करने के बारे में पूछा, जब तीर चलाते समय अल्लाह का नाम ले लिया गया हो, तो आपने उन्हें आदेश दिया कि उससे किए हुए शिकार को खाए। फिर यदि शिकार एक या दो दिन ग़ायब रह जाए और उसमें अपने तीर के निशान के अतिरिक्त कोई और निशान न पाए, तो वह उसे खा सकता है। लेकिन यदि पानी में डूबा हुआ मिले, तो न खाए, क्योंकि यह नहीं पता कि शिकार पानी में डूबने के कारण मरा है या तीर लगने से।
सर मुँड़वाना तथा बाल छोटे करवाना हज और उमरा के मनासिक (क्रिया-कलापों) में से है और बाल मुँड़वाना, छोटे करवाने की तुलना में उत्तम है; क्योंकि अल्लाह तआला की आज्ञापालन में सर के बालों को पूरे तौर पर हटा देने में अधिक समर्पण है। यही कारण है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सर मुँड़वाने वाले के लिए तीन बार रहमत की दुआ की, जबकि उपस्थित लोग आपको बाल छोटे करवाने वाले की याद दिलाते रहे। फिर तीसरी या चौथी बार बाल छोटे करवाने वालों को उनके साथ शामिल किया। यह, इस बात का प्रमाण है कि पुरुषों के हक़ में मुँड़वाना ही उत्तम है। परन्तु, यदि समय 'तमत्तो' के उमरा का हो और वक़्त इतना कम हो कि हज के मुंडन के लिए बाल निकल न सकते हों, तो ऐसे में छोटे करवाना ही उत्तम है। क्योंकि उसे इसके बाद तो मुंडन करवाना ही है।